आरोपी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, चंद्रबली पटेल और गिरजा शंकर यादव ने अदालत में मजबूत पैरवी की।

वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी (Varanasi) जिले से अपराध और कानून से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। पुरानी रंजिश के चलते एक अधेड़ व्यक्ति पर जानलेवा हमला करने और दुकान में तोड़फोड़ करने के मामले में मुख्य आरोपी को न्यायालय से बड़ी राहत मिली है। वाराणसी के जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने सुनवाई करते हुए आरोपी आयुष सिंह उर्फ आयुष कुमार शर्मा की जमानत मंजूर कर ली है और उसे 50-50 हजार रुपये की दो जमानतें व बंधपत्र दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में आरोपी पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, चंद्रबली पटेल और गिरजा शंकर यादव ने अदालत में मजबूत पैरवी की।

क्या है पूरा मामला? (रोहनिया थाना क्षेत्र का विवाद) = अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह पूरा मामला वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र का है। वादी रामराज ने रोहनिया थाने में इस घटना को लेकर गंभीर धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। दर्ज कराई गई शिकायत के मुताबिक, घटना 12 अगस्त 2026 की रात लगभग 9:30 बजे की है, जब वादी अपनी दुकान बंद कर रहा था।

अचानक मौके पर एक चार पहिया वाहन (संख्या UP 65 FB 2005) आकर रुका, जिसमें से मुख्य आरोपी आयुष सिंह और एक अज्ञात ड्राइवर उतरे। आरोप है कि उन्होंने वादी पर दुकान जबरन खोलने का दबाव बनाया। जब वादी ने इसका विरोध किया, तो गुस्से में आकर आरोपियों ने दुकान में रखा इलेक्ट्रॉनिक तराजू तोड़कर क्षतिग्रस्त कर दिया।

लाठी-डंडों से हमला और जान से मारने की धमकी = मामला यहीं नहीं रुका; आरोप है कि इसके बाद आयुष सिंह ने फोन कर अमन सिंह, नमन सिंह और करीब 10 से 15 अज्ञात लोगों को मौके पर बुला लिया। इसके बाद भीड़ ने मिलकर वादी और उसके बेटे पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे दोनों बुरी तरह लहूलुहान हो गए।

जब बीच-बचाव करने वादी का भाई रामदुलार और परिवार के अन्य सदस्य मौके पर पहुंचे, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा और उनके साथ भी मारपीट की। जाते-जाते आरोपी पीड़ित परिवार को जान से मारने की खुली धमकी भी दे गए थे, जिसके बाद इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया था।

कोर्ट की सुनवाई और आदेश = रोहनिया थाने में दर्ज इस मामले में पुलिस लगातार आरोपियों की तलाश और जांच कर रही थी। इसी क्रम में अदालत में पेश हुए आरोपी आयुष सिंह उर्फ आयुष कुमार शर्मा की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने आयुष सिंह को राहत देते हुए 50-50 हजार रुपये के दो मुचलके और बंधपत्र पर रिहा करने का निर्देश दिया है। bmbreakingnews.com इस मामले से जुड़े हर अपडेट और कानूनी कार्यवाही पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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