Varanasi Bunkar Sammelan 2026: आज वाराणसी के मैदागिन स्थित पराड़कर भवन हॉल में ‘इंडियन यूथ फाउंडेशन’ द्वारा आयोजित वाराणसी बुनकर सम्मेलन 2026 में बुनकरों की समस्याओं को लेकर हुंकार भरी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री रविन्द्र जायसवाल (विधायक, शहर उत्तरी) रहे। सम्मेलन में बुनकरों ने बिजली की फ्लैट रेट व्यवस्था में बदलाव और गिरते कारोबार के कारण हो रहे पलायन पर गंभीर चर्चा की।
बिजली बिल और फ्लैट रेट को लेकर उठी मांग – सम्मेलन के दौरान वक्ताओं ने बिजली की फ्लैट रेट व्यवस्था पर तकनीकी और आर्थिक पक्ष रखते हुए कहा कि वर्तमान में ‘अटल बिहारी पावरलूम फ्लैट रेट योजना’ के तहत बुनकर संघर्ष कर रहे हैं।

- LMV 2 vs LMV 6: वक्ताओं ने याद दिलाया कि 2006 से पहले पावरलूम कनेक्शन LMV 6 में थे, जिसका रेट तब ज्यादा था। आज स्थिति उलट है; LMV 2 का रेट अधिक है और LMV 6 का कम।
- बुनकरों की मुख्य मांग: बुनकरों ने मांग की कि अटल बिहारी फ्लैट रेट योजना को LMV 6 श्रेणी में डाला जाए और इसे ‘पावरलूम’ के बजाय ‘किलो वाट’ के आधार पर तय किया जाए, जिसका फिक्स रेट अधिकतम ₹200 प्रति किलो वाट हो।
विशिष्ट अतिथि एडवोकेट तनवीर अहमद सिद्दीकी ने कहा कि समाज में शिक्षा की भारी कमी है, जिस पर ध्यान देना अनिवार्य है। वहीं, डॉ. लेनिन रघुवंशी ने उत्तर प्रदेश सरकार से बुनकरों के बच्चों के लिए ‘फ्री शिक्षा अभियान’ चलाने की अपील की।
सदर काज़ी-ए-शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि बनारस में जल्द ही ‘फातिमा ज़हरा यूनिवर्सिटी’ खोलने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें उन्होंने समाज के हर वर्ग से सहयोग की अपील की।
“आज बनारस का बुनकर मजदूर पलायन कर दूसरे राज्यों में जा रहा है। हमें मंथन करना होगा कि अपने हुनरमंद लोगों को शहर में ही काम कैसे उपलब्ध कराया जाए।” — हाजी स्वाले अंसारी
पत्रकार एवं संस्थापक महासचिव मकबूल अहमद अंसारी ने तीखे शब्दों में कहा कि मजदूर वर्ग जब तक संगठित नहीं होगा, उनका शोषण होता रहेगा। उन्होंने कहा कि पलायन रोकने के लिए मजदूरों को अपनी मजदूरी और हक के लिए खुद आवाज बुलंद करनी होगी। संचालन कर रहे अंसारी साहब ने सरकार से मांग की कि बुनकरों के तैयार माल को बेचने के लिए एक उचित मार्केटिंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि उन्हें कच्चा माल और सही दाम मिल सके।
वाराणसी बुनकर सम्मेलन 2026 में मुख्य रूप से शैलेश प्रताप सिंह (संयोजक सहकार भारती), सरदार हाजी मोइनुद्दीन (कल्लू हाफिज़), सरदार मकबूल हसन, ज़की मुख्तार, (राष्ट्रीय अध्यक्ष), रमज़ान अली (कार्यवाहक अध्यक्ष), साजिद अंसारी व नसीम अय्यूब (उपाध्यक्ष), हैदर अली, इद्रीस अंसारी, समीर अंसारी, शमशेर आलम (मीडिया प्रभारी), एजाज़ भाई (AIMIM), गांगुली भाई, मोहम्मद अय्यूब, बाबू भाई, अलकमा रहमान, सलमान, शाहनवाज अहमद, और भारी संख्या में बुनकर समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।




