वाराणसी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्मार्ट सिटी के तहत सौंदर्यीकरण की योजनाओं पर अब सवाल उठने लगे हैं। काशी को वैश्विक स्तर पर चमकाने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से कोसों दूर नजर आ रही है। बेनियाबाग स्थित राजनारायण पार्क की हालत इन दावों की हकीकत बयां कर रही है, जहाँ सुविधाओं के नाम पर केवल खानापूर्ति दिखाई दे रही है।

सफाई व्यवस्था ध्वस्त: स्मार्ट सिटी मिशन पर उठे सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्मार्ट सिटी के तहत सौंदर्यीकरण की योजनाओं पर अब सवाल उठने लगे हैं, क्योंकि जिस बेनियाबाग पार्क को पर्यटन का केंद्र बनना था, वहां आज गंदगी का अंबार लगा हुआ है। पार्क में आने वाले लोगों का कहना है कि सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है, जिससे न केवल दुर्गंध फैल रही है बल्कि बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। स्मार्ट सिटी मिशन की कार्यशैली अब स्थानीय निवासियों के निशाने पर है।

सुरक्षा मानकों की अनदेखी: पार्किंग के ऊपर झूला बना खतरा पार्क के बुनियादी ढांचे को लेकर भी गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं। अंडरग्राउंड पार्किंग के ऊपर बना ऊंचा झूला अब लोगों के लिए डर का कारण बन गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पार्किंग की छत पर इतनी भारी और ऊंची संरचना (झूला) लगाना सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी है। यह झूला कभी भी किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है, लेकिन प्रशासन इस खतरे से अनजान बना हुआ है।

महिला सुरक्षा पर प्रहार: स्टाफ की बदसलूकी से नाराजगी सबसे चौंकाने वाला और गंभीर मामला पार्क के गेट पर तैनात कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर सामने आया है। महिलाओं से बदसलूकी के आरोप ने प्रशासन की साख पर बट्टा लगा दिया है। लोगों का कहना है कि गेट पर मौजूद कर्मचारी परिवारों और खासकर महिलाओं के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। इस कारण अब लोगों ने सपरिवार पार्क में आना कम कर दिया है, जिससे असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

स्थानीय जनता की मांग: केवल दिखावा नहीं, काम चाहिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में स्मार्ट सिटी के तहत सौंदर्यीकरण की योजनाओं पर उठते सवालों के बीच निवासियों ने प्रशासन से आर-पार की मांग की है कि पार्क की सफाई व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। अंडरग्राउंड पार्किंग के ऊपर लगे झूलों की टेक्निकल और सुरक्षा जांच कराई जाए। बदसलूकी करने वाले स्टाफ को हटाकर उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो।

    स्मार्ट सिटी का मतलब केवल लाइटें लगाना नहीं, बल्कि नागरिक सुविधाओं को बेहतर करना भी है। अब देखना होगा कि नगर निगम और वाराणसी स्मार्ट सिटी के अधिकारी इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेते हैं और कब तक बेनियाबाग राजनारायण पार्क की स्थिति में सुधार होता है।

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