मीरजापुर। भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का असर उत्तर प्रदेश के मीरजापुर में देखने को मिला है। बुधवार दोपहर को एंटी करप्शन टीम के डीएसपी रमेश यादव को शिकायत मिलने के बाद उनके निर्देशन में बड़ी कार्रवाई करते हुए हलिया रेंज कार्यालय से वन दारोगा सूरज पांडेय को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

इस गिरफ्तारी के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। भ्रष्टाचार की पुष्टि के लिए जब आरोपित दारोगा के हाथ धुलवाए गए, तो नोटों पर लगे केमिकल के कारण उनका हाथ गुलाबी (Pink) हो गया, जो रिश्वतखोरी का पुख्ता सबूत है।

क्या है पूरा मामला? (The Incident)- जानकारी के अनुसार, कौशांबी जिले के सराय क्षेत्र के बहुगरी गांव निवासी राजेंद्र पटेल की दो हाइवा गाड़ियां चलती हैं। ये गाड़ियां मध्य प्रदेश से बालू लोड कर मीरजापुर के रेलवे और पथरहिया बाजार में सप्लाई करती हैं।

पीड़ित राजेंद्र पटेल का आरोप है कि हलिया रेंज में तैनात वन दारोगा सूरज पांडेय (निवासी चंदौली) उनकी गाड़ियों को बार-बार रोककर परेशान करते थे। विरोध करने पर दारोगा ने दो टूक कहा था कि— “जब तक महीना (रिश्वत) नहीं बांधोगे, तब तक गाड़ी नहीं चलने देंगे।”

जबरन रोकी गाड़ियां और मांगे 20 हजार रुपये – बताया जा रहा है कि अप्रैल महीने में दारोगा ने जबरन गाड़ी को अपने ऑफिस के सामने रोककर उसकी चाबी और कागज छीन लिए थे। पीड़ित ने जब गाड़ी छोड़ने की गुहार लगाई, तो दारोगा ने प्रति गाड़ी 10 हजार रुपये (कुल 20 हजार) की मांग की। पीड़ित के मुताबिक, वह पहले भी एक बार 20 हजार रुपये दे चुका था, लेकिन दारोगा की डिमांड कम नहीं हो रही थी।

“14 मई को फिर से पैसे देने का दबाव बनाया गया। थक-हारकर पीड़ित ने मीरजापुर एंटी करप्शन टीम से संपर्क किया और न्याय की गुहार लगाई।”

शिकायत मिलते ही एंटी करप्शन टीम के डीएसपी रमेश यादव के निर्देशन में अशोक कुमार और अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में जाल बिछाया गया। बुधवार को जैसे ही राजेंद्र पटेल ने हलिया वन रेंज कार्यालय में दारोगा सूरज पांडेय को 10 हजार रुपये थमाए, वैसे ही सादे कपड़ों में तैनात टीम ने उन्हें दबोच लिया। कार्रवाई: टीम दारोगा को गिरफ्तार कर तत्काल हलिया थाने ले गई। मुकदमा: आरोपित के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। सबूत: केमिकल टेस्ट में हाथ गुलाबी होने के बाद दारोगा के पास बचाव का कोई रास्ता नहीं बचा।

मीरजापुर में हुई इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सरकारी पद पर बैठकर अवैध वसूली करने वालों की अब खैर नहीं है। bmbreakingnews.com आपसे अपील करता है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी आपसे रिश्वत की मांग करता है, तो डरे नहीं और इसकी शिकायत संबंधित विभाग या एंटी करप्शन टीम से जरूर करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *