वाराणसी: उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ आवारा पशुओं और श्वान आतंक की समस्या दिन-ब-दिन गंभीर होती जा रही है। ताजा मामला हुकुलगंज इलाके का है, जहाँ वाराणसी में आवारा कुत्ते का हमला एक मासूम बच्चे पर हुआ। इस घटना के बाद से न सिर्फ बच्चा सहमा हुआ है, बल्कि दबंगों की धमकी के कारण पूरा पीड़ित परिवार भारी मानसिक तनाव में जीने को मजबूर है।

कालोनी में खेल रहे बच्चे पर अचानक किया हमला – मिली जानकारी के अनुसार, वाराणसी के हुकुलगंज तिराहा स्थित गीतानगर कालोनी के रहने वाले किशन यादव का 13 वर्षीय पुत्र अंश यादव शुक्रवार की सुबह कालोनी के अन्य बच्चों के साथ घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक बाहरी आवारा कुत्ता वहाँ आ धमका। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कुत्ते ने बिना किसी उकसावे के अचानक मासूम अंश के हाथ पर हमला कर दिया और उसे बुरी तरह काट लिया। अचानक हुए इस हमले से बच्चा दर्द से चीख पड़ा और जोर-जोर से रोने लगा।

बेटे को बचाने की कोशिश में हुई कुत्ते की मौत बच्चे की चीख-पुकार सुनकर घर के भीतर से पिता किशन यादव आनन-फानन में बाहर दौड़े। अपने लाडले को कुत्ते के जबड़े में फंसा देख पिता ने आवारा कुत्ते को डंडे से मारकर भगाने का प्रयास किया। परिजनों के मुताबिक, डंडा लगने के कुछ ही देर बाद उस कुत्ते की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद परिजन डरे-सहमे अंश को लेकर नजदीकी अस्पताल पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने उसका प्राथमिक उपचार किया और उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन लगाया। फिलहाल बच्चे की स्थिति खतरे से बाहर बताई जा रही है।

मदद के बजाय पीड़ित परिवार को ही मिली धमकी इस पूरे मामले में मोड़ तब आया जब कालोनी के ही एक रसूखदार व्यक्ति ने पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति दिखाने के बजाय उन्हें ही प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि कालोनी निवासी प्रकाश आर्या नामक व्यक्ति ने उल्टे उन्हीं पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि प्रकाश आर्या ने उनसे कहा, “अगर कुत्ते ने काटा था तो बच्चे को इंजेक्शन लगवाना चाहिए था, कुत्ते को क्यों मारा?”

बात यहीं नहीं रुकी, आरोपी ने पीड़ित परिवार को डराने-धमकाने के उद्देश्य से पुलिस की 112 नंबर सेवा पर फोन कर दिया। एक तरफ बच्चा अस्पताल में दर्द से कराह रहा था, तो दूसरी तरफ पुलिसिया झंझट में फंसने के डर से पूरा परिवार गहरे मानसिक दबाव में आ गया।

प्रशासन से न्याय की गुहार वाराणसी में आवारा कुत्ते का हमला होने और उसके बाद पैदा हुए इस विवाद के बाद पीड़ित परिवार बेहद डरा हुआ है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के उच्चाधिकारियों से मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित पिता का कहना है कि उन्होंने जानबूझकर किसी जीव की हत्या नहीं की, बल्कि अपने बच्चे की जान बचाने के लिए आत्मरक्षा में कदम उठाया था। ऐसे में उन्हें अनावश्यक कानूनी पचड़ों और धमकियों से राहत दिलाई जाए। स्थानीय निवासियों का भी कहना है कि कालोनी में बाहरी आवारा कुत्तों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे छोटे बच्चों का बाहर निकलना दूभर हो गया है। नगर निगम को इस ओर ध्यान देना चाहिए।

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