वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले से भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी खबर सामने आ रही है। वाराणसी में एंटी करप्शन की कार्रवाई के तहत बिजली विभाग के एक अवर अभियंता (JE) को भारी रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई के बाद से ही बिजली विभाग और प्रशासनिक महकमों में हड़कंप मच गया है। एंटी करप्शन टीम ने आरोपी जेई के पास से रिश्वत के रुपए बरामद कर उसे हिरासत में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अस्थायी बिजली कनेक्शन के नाम पर मांगी थी रिश्वत – यह पूरा मामला वाराणसी के पांडेयपुर क्षेत्र का है। मिली जानकारी के अनुसार, टकटकपुर (थाना कैंट, वाराणसी) के रहने वाले शिकायतकर्ता अमित कुमार श्रीवास्तव मंशानगर कॉलोनी में अपने नए मकान का निर्माण करवा रहे हैं। इस निर्माण कार्य के लिए उन्होंने 06 जून 2026 को एक अस्थायी विद्युत कनेक्शन (Temporary Electricity Connection) के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था।
आवेदन की पैरवी और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जब अमित कुमार 10 जून 2026 को विद्युत उपखंड 33/11 पंचम खंड पांडेयपुर के जेई सुखदेव रस्तोगी से मिले और वार्ता की, तो जेई ने इस वैध काम के बदले 22,000 रुपये की भारी रिश्वत की मांग की। इतना ही नहीं, जेई ने पैसे लेने के लिए 12 जून को आवेदक के प्लॉट पर ही मिलने का समय तय किया।
एंटी करप्शन टीम ने बिछाया जाल – शिकायतकर्ता अमित कुमार श्रीवास्तव भ्रष्टाचार के आगे झुकना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने 11 जून 2026 को थाना एंटीकरप्शन वाराणसी मंडल कार्यालय में उपस्थित होकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एंटी करप्शन विभाग ने तुरंत रणनीति तैयार की। जिसमे एंटी करप्शन के डीएसपी रमेश यादव के निर्देशन में आज यानी 12 जून 2026 को निरीक्षक उमाशंकर यादव के नेतृत्व में एंटीकरप्शन की विशेष टीम टकटकपुर स्थित मंशानगर कॉलोनी में पहले से ही अपनी पोजीशन लेकर मुस्तैद हो गई।
22 हजार लेते ही दबोचा, हाथ धुलवाते ही लाल हुआ पानी – सुबह करीब 11:44 बजे जैसे ही आरोपी जेई सुखदेव रस्तोगी प्लॉट पर पहुंचा और शिकायतकर्ता अमित कुमार से वैध कार्य के एवज में 22,000 रुपये की रिश्वत की राशि हाथ में ली, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी एंटीकरप्शन की टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
गिरफ्तारी के तुरंत बाद जब टीम ने आरोपी जेई के कब्जे से रिश्वती नोट बरामद किए और मौके पर ही केमिकल के पानी से उसके हाथ धुलवाए, तो धोवन का रंग पूरी तरह से गुलाबी (लाल) हो गया। यह इस बात का पुख्ता वैज्ञानिक सबूत है कि आरोपी ने रिश्वत के नोटों को अपने हाथों से लिया था। इस पूरी मुस्तैदी के साथ वाराणसी में एंटी करप्शन की कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम दिया गया।
कैंट थाने में मुकदमा दर्ज, लखनऊ का रहने वाला है आरोपी जेई – इस बड़ी सफलता के बाद एंटी करप्शन की टीम आरोपी जेई को लेकर थाना कैंट (कमिश्नरेट वाराणसी) पहुंची, जहां उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत विधिक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी का पूरा विवरण: गिरफ्तार किए गए आरोपी का नाम सुखदेव स्वरुप रस्तोगी (पुत्र स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद रस्तोगी) है। वह मूल रूप से कनकसिटी, आलमनगर, थाना तालकटोरा, जनपद लखनऊ का निवासी है। वर्तमान में वह गौतमविहार कॉलोनी, सरसौली, थाना शिवपुर, वाराणसी में रह रहा था। वह वर्ष 2015 बैच का है और संप्रति पांडेयपुर के 33/11 केवी उपकेंद्र में अवर अभियंता (निदेशक अभियंता) के पद पर तैनात था।
वाराणसी में एंटी करप्शन की कार्रवाई के बाद से स्थानीय जनता और जागरूक नागरिकों में यह संदेश गया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने पर त्वरित और सख्त एक्शन लिया जाता है। सोशल मीडिया पर भी लोग एंटी करप्शन टीम के इस त्वरित कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं।




