वरिष्ठ अधिवक्ता हृदयानंद यादव, कुलदीप गुप्ता एवं राजेश गुप्ता ने कोर्ट के सामने तर्क प्रस्तुत किए।
वाराणसी। न्यायपालिका से जुड़ी एक बड़ी खबर वाराणसी जनपद से सामने आ रही है। अपर सत्र न्यायाधीश, कोर्ट संख्या-1, वाराणसी ने एक आपराधिक मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार कर लिया है। यह फैसला अपराध संख्या 165/2026, धारा 123 एवं 305 बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) के तहत दर्ज मुकदमे में वांछित अभियुक्त के संदर्भ में आया है।
50-50 हजार रुपये के बंधपत्र पर मिली राहत = अदालत ने मामले की गंभीरता और दोनों पक्षों की दलीलों को ध्यान में रखते हुए अपना निर्णय सुनाया। न्यायालय ने अभियुक्त सतनारायण सेठ, निवासी ग्राम हुसैनपुर कंसापुर, थाना औराई, जनपद भदोही के अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए उन्हें राहत प्रदान की। कोर्ट ने आदेश दिया कि अभियुक्त को 50-50 हजार रुपये के दो जमानती बंधपत्र और इतने ही मूल्य के निजी मुचलके पर अग्रिम जमानत दी जाए।

क्या था पूरा मामला? = मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, पुलिस ने पूर्व में एक आरोपी को गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान उस गिरफ्तार अभियुक्त ने पुलिस के समक्ष यह बयान दिया था कि उसने चोरी का सामान सतनारायण सेठ को बेचा था। उक्त बयान के आधार पर पुलिस द्वारा सतनारायण सेठ के आवास पर लगातार दबिश दी जा रही थी। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अभियुक्त की ओर से संबंधित थाने से वांछित रिपोर्ट तलब कराई गई और फिर अदालत के समक्ष अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया।
वकीलों की प्रभावी दलीलें आईं काम = सुनवाई के दौरान न्यायालय में अभियुक्त की तरफ से पैरवी कर रहे अधिवक्ताओं ने बेहद मजबूती से अपना पक्ष रखा। वरिष्ठ अधिवक्ता हृदयानंद यादव, कुलदीप गुप्ता एवं राजेश गुप्ता ने कोर्ट के सामने तर्क प्रस्तुत किए और पुलिसिया कार्रवाई के संदर्भ में कानूनी बिंदु सामने रखे।
अदालत ने अभियोजन पक्ष और बचाव पक्ष, दोनों की दलीलों को विस्तार से सुना। साक्ष्यों और परिस्थितियों का सही अवलोकन करने के उपरांत न्यायालय ने अभियुक्त का अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र स्वीकार करते हुए अपना फैसला सुनाया। इस फैसले से आरोपी पक्ष को बड़ी राहत मिली है।



