आरोपी की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने गिरफ्तारी प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए

वाराणसी (BM Breaking News): वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र स्थित महमूरगंज में शेयर बाजार में निवेश के नाम पर करोड़ों की फर्जीवाड़े और ठगी करने के मामले में 21 महिलाओं को जमानत मिल गई है। शनिवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (पंचम) सौरभ शुक्ला की अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए सभी आरोपी महिलाओं को रिहा करने का फैसला सुनाया। इस हाई-प्रोफाइल मामले में बचाव पक्ष के वकीलों द्वारा दी गई कानूनी दलीलों और पुलिस की प्रक्रियात्मक चूक के चलते ठगी करने के मामले में 21 महिलाओं को जमानत देने का रास्ता साफ हुआ।

अधिवक्ता ने दी कानूनी दलील, बीएनएसएस का उल्लंघन आया सामने = अदालत में मुख्य आरोपी गरिमा की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव ने पुलिस की गिरफ्तारी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए। सुनवाई के दौरान अधिवक्ता ने न्यायालय के समक्ष दलील देते हुए उप निरीक्षक संजना गौतम से पूछा कि क्या गिरफ्तारी के दौरान बीएनएसएस (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता) के नियमों का पालन किया गया था? इस पर पुलिस अधिकारी ने स्वीकार किया कि प्रकरण में धारा 43(5) बीएनएसएस का अनुपालन नहीं किया गया था।

क्या कहता है कानून?

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 43(5) के तहत स्पष्ट प्रावधान है कि किसी भी महिला को असाधारण परिस्थितियों के अलावा सूर्यास्त के बाद और सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं किया जा सकता

अधिवक्ता ने कोर्ट में सिद्ध किया कि पुलिस ने गिरफ्तारी में कानून के इस अनिवार्य नियम की अनदेखी की, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि आरोपियों की गिरफ्तारी विधि सम्मत नहीं थी। इसी आधार पर कोर्ट ने ठगी करने के मामले में 21 महिलाओं को जमानत की अर्जी मंजूर कर ली।

क्या था पूरा मामला? = मामले का खुलासा तब हुआ जब महमूरगंज स्थित एक रिहायशी मकान में अवैध और फर्जी कॉल सेंटर चलाए जाने की पुलिस को गुप्त सूचना मिली। शिकायत में बताया गया था कि यहाँ शेयर बाजार में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से पैसे ऐंठे जा रहे हैं, साथ ही मकान में संदिग्ध गतिविधियों की भी सूचना थी।

पुलिस छापेमारी और गिरफ्तारी का ब्योरा : कार्रवाई की तारीख: 30 जुलाई नेतृत्व: डीसीपी नीतू कादयान और भेलूपुर पुलिस टीम कुल गिरफ्तारियां: 32 लोग (21 महिलाएं, 9 पुरुष और अन्य) आरोपियों का निवास: वाराणसी, चंदौली और मिर्जापुर जिले काम करने का तरीका: रिहायशी बिल्डिंग में ‘एनकेडी एंड एसोसिएट्स’ (NKD & Associates) नाम की फर्जी फर्म बनाकर टेलीकॉलिंग के जरिए लोगों को शेयर ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर फंसाना।

कोर्ट के फैसले का महत्व = महमूरगंज फर्जी कॉल सेंटर नेटवर्क के इस चर्चित प्रकरण में ठगी करने के मामले में 21 महिलाओं को जमानत मिलने के बाद अब पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। नए कानूनों (BNSS) के तहत गिरफ्तारी की प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन न होना पुलिस के लिए सबक साबित हुआ है, वहीं आरोपियों के पक्ष को कानूनी प्रक्रियात्मक चूक का लाभ मिला है।

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