बचाव पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव व नरेश यादव ने पक्ष रखा।
वाराणसी। शहर में साइबर अपराधियों के हौसले किस कदर बुलंद हैं, इसका अंदाजा हाल ही में सामने आए एक बड़े मामले से लगाया जा सकता है। इंश्योरेंस पर भारी-भरकम बोनस देने का झांसा देकर साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) के जरिए 11.72 लाख रुपए हड़प लेने के एक गंभीर मामले में आरोपी को कोर्ट से राहत मिल गई है। वाराणसी की जिला अदालत ने वाराणसी साइबर ठगी के इस प्रकरण में आरोपी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली है।
क्या है पूरा मामला? = अभियोजन पक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, वाराणसी जनपद के उमरहा (चौबेपुर) निवासी वादी श्यामलाल पाल ने 8 जुलाई 2026 को स्थानीय साइबर थाने में एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि वादी ने वर्ष 2021 में पीएनबी बैंक (PNB Bank) से पीएनबी मेट-लाइफ इंश्योरेंस (PNB MetLife Insurance) कराया था, जिस पर उन्होंने मार्च 2026 में लोन लिया था। इसके बाद, लगभग 12 अप्रैल 2026 को मोबाइल नंबर 8700732678 से एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया।

कॉल करने वाले ने वादी को उनके इंश्योरेंस पर बोनस और अधिक पैसों का लालच दिया। शातिर ठगों ने झांसे में लेकर अलग-अलग तिथियों में कुल 11,72,190/- रुपये जनसेवा केंद्रों के माध्यम से नगद जमा करवा लिए। यही नहीं, जिन खातों में पैसे ट्रांसफर या जमा कराए गए थे, उनके डिटेल्स भी धोखे से मैसेज डिलीट करवाकर छिपा दिए गए।
जब वादी को अपने साथ हुई साइबर धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तब उन्होंने इसकी शिकायत नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP Portal) पर दर्ज कराई। पोर्टल पर शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। जांच के दौरान आगरा के रहने वाले आरोपी का नाम प्रकाश में आया, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
अदालत में हुई सुनवाई और बचाव पक्ष का तर्क = जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत में इंश्योरेंस बोनस फ्रॉड मामले के आरोपी सिकंदराबाद (आगरा) निवासी देवेश प्रताप सिंह उर्फ देवेश धाकरे की जमानत अर्जी पर विस्तृत सुनवाई हुई। अदालत में आरोपी के बचाव पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव व नरेष यादव ने दमदार तरीके से अपना पक्ष रखा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने आरोपी देवेश प्रताप सिंह को 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें और बंधपत्र (Bail Bond) प्रस्तुत करने पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया।



