मनावर, धार: 15 अगस्त, स्वतंत्रता दिवस के पावन मौके पर मध्य प्रदेश के धार जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मनावर नगर में 12वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने अपने घर में फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस घटना से पूरे शहर में शोक और गुस्सा है। पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें छात्रा ने अपनी मौत के लिए अपने ही स्कूल की तीन शिक्षिकाओं को जिम्मेदार ठहराया है।

सुसाइड नोट ने खोले राज – पुलिस द्वारा बरामद किए गए सुसाइड नोट ने सबको हैरान कर दिया है। छात्रा ने साफ-साफ लिखा है, “मैं ऐसे ही नहीं फांसी लगा रही हूँ। मेरी मौत की वजह मेरे स्कूल की तीन टीचर हैं।” उसने आगे लिखा है कि ये शिक्षिकाएं उसे लगातार मानसिक रूप से परेशान करती थीं। छात्रा ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस के दिन स्कूल में कुछ ऐसा हुआ, जिसके बाद उसकी बर्दाश्त करने की सीमा खत्म हो गई। उसने अपने सुसाइड नोट में तीनों शिक्षिकाओं- सारिका ठाकुर, लक्ष्मी मंडलोई और आरती चौहान का नाम लेते हुए लिखा है कि उन्हें जरूर सजा मिलनी चाहिए।

दीवारों पर चिपका था सुसाइड नोट – बताया जा रहा है कि छात्रा ने यह सुसाइड नोट अपने घर की दीवार पर चिपकाया था। इसके बाद उसने अपने कमरे में जाकर फांसी लगा ली। जैसे ही परिवार और पड़ोसियों को इस घटना का पता चला, पूरे इलाके में मातम पसर गया। इस घटना के बाद लोगों में भारी गुस्सा है और वे इन शिक्षिकाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सुसाइड नोट के आधार पर तीनों आरोपी शिक्षिकाओं से पूछताछ की जा रही है। यह घटना सिर्फ एक आत्महत्या नहीं है, बल्कि यह सवाल भी खड़ा करती है कि क्या हमारे शिक्षण संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य का ध्यान रखा जा रहा है।

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