मामले की सुनवाई के दौरान अधिवक्ता अनुज यादव ने दाखिल की गई प्रगति आख्या पर सवाल उठाए।

वाराणसी। उत्तर प्रदेश की वाराणसी अदालत से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है। विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (ACJM) की कोर्ट ने आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर से जुड़े एक चर्चित मामले में चौक पुलिस की ढुलमुल कार्यशैली पर कड़ा ऐतराज जताया है। अदालत ने सुनवाई के दौरान चौक पुलिस को स्पष्ट जांच आख्या रिपोर्ट पेश करने का आदेश जारी करते हुए अगली सुनवाई के लिए 11 अगस्त की तिथि तय की है।

अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता ने रिपोर्ट पर जताई आपत्ति = मामले की सुनवाई के दौरान पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता अनुज यादव ने पुलिस द्वारा दाखिल की गई प्रगति आख्या पर सवाल उठाए। उन्होंने कोर्ट के समक्ष मजबूती से पक्ष रखते हुए कहा कि इन्वेस्टिगेटिंग ऑफिसर (IO) ने 25 जुलाई को जो रिपोर्ट अदालत में जमा की है, वह पूरी तरह से अस्पष्ट और गोलमोल है।

अधिवक्ता ने तर्क दिया कि प्रार्थी द्वारा उठाए गए मुख्य बिंदु और सवाल आज भी अनुत्तरित हैं, जिन पर न्यायिक विचार होना बेहद जरूरी है। पुलिस ने छह महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जांच को किसी कानूनी निष्कर्ष तक नहीं पहुंचाया है। इसी आधार पर अधिवक्ता ने कोर्ट से गुहार लगाई, जिसके बाद अदालत ने चौक पुलिस को स्पष्ट जांच आख्या रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया।

आठ महीने बाद भी चार्जशीट दाखिल न होने पर उठे सवाल = पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर की ओर से कोर्ट में प्रार्थना पत्र दाखिल कर पूछा गया था कि चौक थाने में दर्ज मुकदमे में इतना समय बीत जाने के बावजूद पुलिस ने अब तक आरोप पत्र (चार्जशीट) सक्षम न्यायालय के सामने पेश क्यों नहीं किया? अर्जी में आरोप लगाया गया कि : एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने आनन-फानन में 10 दिनों के भीतर आवेदक की न्यायिक हिरासत मांगी थी। गिरफ्तारी और मामला दर्ज होने के 8 महीने बीत जाने के बाद भी जांच प्रक्रिया अधूरी रखी गई है। पुलिस जानबूझकर मामले को लटका रही है और कोई ठोस पुलिस रिपोर्ट कोर्ट में जमा नहीं कर रही है।

जानिए क्या है पूरा मामला? = यह पूरा विवाद बीते वर्ष का है, जब बड़ी पियरी निवासी और हिन्दू युवा वाहिनी के नेता एवं वीडीए (VDA) के मानद सदस्य अम्बरीष सिंह भोला ने चौक थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप: अम्बरीष सिंह भोला का कहना था कि 30 नवंबर को अमिताभ ठाकुर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया था। भ्रामक खबर का दावा: वीडियो में उन पर आपराधिक मामलों में संलिप्तता के झूठे और बेबुनियाद आरोप लगाए गए थे। साथ ही बहुचर्चित कफ सिरप मामले में बिना किसी साक्ष्य के उनका नाम जोड़कर सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाई गई। नामजद आरोपी: इस शिकायत पर चौक पुलिस ने पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

11 अगस्त को होगी अगली सुनवाई = अधिवक्ता अनुज यादव की मजबूत आपत्तियों को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने चौक पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आगामी 11 अगस्त तक अपनी पूरी और पारदर्शी रिपोर्ट अदालत में पेश करे। अब सभी की निगाहें 11 अगस्त की तारीख पर टिकी हैं, जब चौक पुलिस को स्पष्ट जांच आख्या रिपोर्ट पेश करने का आदेश का पालन करते हुए अपनी अंतिम रिपोर्ट जमा करनी होगी।

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