वाराणसी, विशेष संवाददाता (bmbreakingnews.com)। योग भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत, वैश्विक पहचान और स्वस्थ जीवन का सबसे मजबूत आधार है। इसी कड़ी में, 21 जून 2026 को 12वें “अंतरराष्ट्रीय योग दिवस” के पावन अवसर पर वाराणसी में एक बेहद ऊर्जावान और प्रेरणादायी नजारा देखने को मिला। काशी के पुलिस लाइन कमिश्नरेट वाराणसी में इस वर्ष की विशेष थीम “Yoga For Health Ageing” एवं मुख्य संदेश “हमारी संस्कृति, हमारा योग, हमारा गौरव” के अनुरूप एक भव्य सामूहिक योग सत्र का आयोजन किया गया।
इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पुलिस लाइन में योग कार्यक्रम की कमान खुद पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) मोहित अग्रवाल ने संभाली। उनके नेतृत्व और अगुवाई में कमिश्नरेट के समस्त वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों, जवानों, महिला पुलिसकर्मियों और अन्य स्टाफ ने एकजुट होकर सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया और समाज को सेहतमंद रहने का एक मजबूत संदेश दिया।
ओम् ध्वनि और सूर्य नमस्कार के साथ हुआ भव्य शुभारंभ= सोमवार सुबह पुलिस लाइन का मैदान पूरी तरह योगमय नजर आया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ पवित्र ‘ओम् ध्वनि’ के उच्चारण और ‘सूर्य नमस्कार’ के साथ हुआ। इसके बाद विशेष रूप से आमंत्रित योग प्रशिक्षकों (Yoga Instructors) द्वारा वहां मौजूद सभी पुलिसकर्मियों को क्रमबद्ध तरीके से विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास कराया गया।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पुलिस लाइन में योग सत्र के दौरान पुलिसकर्मियों ने शारीरिक और मानसिक संतुलन को बेहतर बनाने वाले निम्नलिखित आसनों का अभ्यास किया : सूर्य नमस्कार: शरीर में ऊर्जा और लचीलापन बढ़ाने के लिए। प्राणायाम: भ्रामरी प्राणायाम, शीतली प्राणायाम और अनुलोम-विलोम प्राणायाम का विशेष अभ्यास किया गया, जो मानसिक तनाव को दूर करने में बेहद कारगर हैं। प्रमुख आसन: पद्मासन और सर्वांगासन सहित कई अन्य महत्वपूर्ण आसनों का अभ्यास कर जवानों ने अपनी शारीरिक क्षमता को परखा।
“स्वयं योग करें और दूसरों को भी प्रेरित करें” – पुलिस कमिश्नर = चौबीसों घंटे तनावपूर्ण और जिम्मेदारी भरी ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों के लिए योग को संजीवनी बताते हुए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने सभी जवानों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा :
“योग केवल कसरत नहीं, बल्कि भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और स्वस्थ जीवन का मूल आधार है। इस वर्ष की थीम ‘Yoga For Health Ageing’ की भावना के अनुरूप हम सभी को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अनिवार्य हिस्सा बनाना चाहिए। नियमित योग न केवल हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुढ़ृढ़ करता है, बल्कि एक अनुशासित, सकारात्मक और सशक्त समाज के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। आप सभी स्वयं नियमित योग करें और अपने परिवार व समाज को भी इसके लिए प्रेरित करें।”
विशेषज्ञों का मानना है कि पुलिस की नौकरी में ड्यूटी के घंटे तय नहीं होते, जिससे मानसिक तनाव और शारीरिक थकान होना आम बात है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पुलिस लाइन में योग का यह सामूहिक आयोजन केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि जवानों को अपनी लाइफस्टाइल बदलने की एक बड़ी प्रेरणा है। कमिश्नरेट वाराणसी द्वारा आयोजित इस सत्र का मुख्य उद्देश्य भी यही था कि पुलिस बल के जवान शारीरिक रूप से फिट और मानसिक रूप से शांत रहकर जनता की सेवा और अधिक संवेदनशीलता व तत्परता से कर सकें।
इस भव्य आयोजन के समापन पर सभी पुलिस अधिकारियों और जवानों ने यह संकल्प लिया कि वे अपनी व्यस्त दिनचर्या में से कुछ समय योग और प्राणायाम के लिए अवश्य निकालेंगे, ताकि एक स्वस्थ, सुरक्षित और अनुशासित समाज की स्थापना की जा सके।




