हुकुलगंज अहिराना इलाके में चाइना बिल्डर के प्लाट में राम कुमार व सहयोगी लल्लू नामक व्यक्ति के द्वारा संचालित तथा बिहार निवासी शिवा नामक बुकर के द्वारा करोडो रुपये लगाकर सट्टेबाजी व बुक का संचालन किया जा रहा है।

वाराणसी। धर्म और संस्कृति की नगरी वाराणसी से एक ऐसी खबर सामने आ रही है जो स्थानीय पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। ताज़ा जानकारी के अनुसार, वाराणसी जनपद के थाना लालपुर पाण्डेयपुर क्षेत्र में सट्टे का कार्य चरम पर पहुंच चुका है। एक तरफ जहां वाराणसी के पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल शहर को अपराध मुक्त बनाने और अनैतिक व असामाजिक कार्यों पर लगाम लगाने की बात करते हैं, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर सच्चाई कुछ और ही बयां कर रही है। हकीकत यह है कि उनके अपने ही थाना लालपुर पाण्डेयपुर क्षेत्र में सट्टे का कार्य चरम पर है और जिम्मेदार तंत्र आंखें मूंदे बैठा है।

हुकुलगंज में वरूणा नदी के किनारे चल रहा काला कारोबार = यदि इस पूरे मामले पर विस्तार से बात करें तो स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक सट्टे का यह अवैध खेल पाण्डेयपुर पुलिस चौकी के अंतर्गत आने वाले हुकुलगंज अहिराना इलाके में चाइना बिल्डर के प्लाट में राम कुमार व सहयोगी लल्लू नामक व्यक्ति के द्वारा संचालित तथा बिहार निवासी शिवा नामक बुकर के द्वारा करोडो रुपये लगाकर सट्टेबाजी व बुक का संचालन किया जा रहा है। हैरान करने वाली बात यह है कि जिस इलाके में दिन-रात यह अवैध गतिविधि फल-फूल रही है, वहां की क्षेत्रीय पुलिस इससे पूरी तरह अनभिज्ञ बनी हुई है। इस अवैध धंधे के कारण क्षेत्रीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है और लोग सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंतित हैं।

SOG और क्षेत्रीय पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल = वाराणसी में अनैतिक गतिविधियों को रोकने के लिए पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने विशेष SOG (स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप) की टीमों का गठन किया है। लेकिन इस मामले को देखकर लगता है कि थाना लालपुर पाण्डेयपुर क्षेत्र में सट्टे का कार्य चरम पर होने के बावजूद न तो स्थानीय पुलिस और न ही SOG की टीमें इसे रोकने में कामयाब हो पा रही हैं।

बड़ा सवाल: क्या पुलिस तंत्र वाकई इस अवैध कारोबार से अनजान है, या फिर यह सट्टा संचालकों की ऊंची पहुंच और पुलिस की नाकामी का नतीजा है?

सट्टेबाजी के इस जाल ने कई परिवारों को आर्थिक और मानसिक रूप से बर्बाद कर दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर लगाम नहीं लगाई गई, तो क्षेत्र में अपराध का ग्राफ और बढ़ सकता है।

फिलहाल, जिस तरह से थाना लालपुर पाण्डेयपुर क्षेत्र में सट्टे का कार्य चरम पर है, उसने पुलिस की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अब देखना यह होगा कि वाराणसी पुलिस आयुक्त और लालपुर पाण्डेयपुर थाना पुलिस इन बेखौफ सट्टा संचालकों पर कब तक शिकंजा कसती है।

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