वीसी साहब क्या कथित बिल्डर व भवन स्वामी के आगे नतमस्तक हो चुके है आपके अधिकारी ?


भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण सील भवन सी.के. 43/164 दालमंडी का यह निर्माण कार्य

वाराणसी: ऐसा लगता है कि वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) के अधिकारी अवैध निर्माण कराने वाले बिल्डरों और भवन स्वामियों के आगे पूरी तरह नतमस्तक हो चुके हैं। भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण देखना हो तो चौक वार्ड के भवन संख्या सी.के. 43/164, दालमंडी को देख लीजिए। जिस भवन को VDA ने खुद सील किया था, उस पर धड़ल्ले से निर्माण कार्य चल रहा है।

यह मामला हैरान करने वाला है। VDA ने इस भवन को 13 मई 2025 को सील किया था, तब यह G+3 की स्थिति में था। लेकिन आज, तस्वीरें कुछ और ही कहानी बयां कर रही हैं। सील तोड़ने के बाद न सिर्फ एक नई मंजिल खड़ी कर दी गई है, बल्कि इसका अंडरग्राउंड भी तैयार हो चुका है।

VDA के कागजों में ही कैद है कार्रवाई

VDA के अपने ही दस्तावेज़ इस पूरे खेल का खुलासा करते हैं। हमारे पास मौजूद VDA के पत्रांक संख्या सीके 31/23/(नो)वि0प्रा0/भवन (जोन-3) से पता चला है कि इस अवैध निर्माण को रोकने के लिए पहली नोटिस 14 मार्च 2024 को जारी की गई थी। जब बिल्डर नहीं माना तो 5 अप्रैल और 2 मई 2024 को भवन की सील तोड़कर फिर से निर्माण किया गया।

इसके बाद, 13 मई 2025 को VDA ने इसे दोबारा सील किया और पुलिस को इसकी सुरक्षा में लगा दिया, ताकि कोई निर्माण न हो सके। 3 जुलाई 2025 को तो क्षेत्रीय जेई ने मौके पर जाकर सख्त चेतावनी भी दी थी, लेकिन लगता है कि यह चेतावनी सिर्फ कागजों तक ही सीमित थी।

क्या ‘वीसी साहब’ को नहीं दिख रहा ये सब?

सबसे बड़ा सवाल तो यह है कि जब VDA के पास खुद सारे सबूत मौजूद हैं, तो फिर ये अवैध निर्माण क्यों नहीं रुका? क्या वाराणसी विकास प्राधिकरण के वीसी साहब के सामने उनके ही अधिकारी इतने असहाय हो चुके हैं?

सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जोनल अधिकारी सौरभ कुमार द्वारा कड़ी कार्रवाई प्रस्तावित है। लेकिन स्थानीय जेई रविंद्र बाबू पर आरोप है कि वह अपने चहेते बिल्डर को अवैध निर्माण के लिए रास्ता मुहैया करवाते रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि क्या VDA इस भ्रष्टाचार की चेन पर कोई कार्रवाई करता है या यह मामला भी सिर्फ कागजी कार्रवाई बनकर रह जाएगा। फिलहाल, बीएम ब्रेकिंग न्यूज की पड़ताल जारी है और हम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *