वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में साइबर अपराध और वित्तीय धोखाधड़ी पर नकेल कसने के लिए वाराणसी कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। पुलिस आयुक्त वाराणसी द्वारा अपराधों की रोकथाम तथा शासन के ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत यह सफलता हासिल हुई है। पुलिस उपायुक्त काशी ज़ोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण और सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के कुशल नेतृत्व में Cy-vazra अभियान के तहत एक ‘म्यूल अकाउंट’ (Mule Account) धारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
कैसे हुआ साइबर म्यूल अकाउंट का खुलासा? = लखनऊ स्थित साइबर मुख्यालय से वाराणसी पुलिस को GREEN-25 MULE ACCOUNT की सूची प्राप्त हुई थी। इसमें यूनियन बैंक ऑफ इंडिया का खाता संख्या 416802011129382 (IFSC: UBIN0541681) जांच के दायरे में आया।

वाराणसी कोतवाली पुलिस की बड़ी कार्रवाई के तहत जब पुलिस और साइबर सेल ने इस खाते की KYC, बैंक स्टेटमेंट और AOF डिटेल्स निकलवाईं, तो चौंकाने वाले तथ्य सामने आए : खाता धारक: राम प्रकाश गर्ग, पुत्र अचल कुमार सेठ (उम्र 33 वर्ष), निवासी CK 49/92 भुलेटन, थाना चौक, वाराणसी। फ्रॉड का नेटवर्क: NCRP (नेशनल साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल) और समन्वय पोर्टल पर जब खाते को चेक किया गया, तो पता चला कि इस खाते के खिलाफ अलग-अलग राज्यों और जिलों में 03 ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड की शिकायतें दर्ज हैं (जिसमें 2 मामलों में लेयर-1 और 1 मामले में लेयर-2 के रूप में खाता इस्तेमाल हुआ)।
₹5000 प्रति महीने का लालच पड़ा भारी = जब कोतवाली पुलिस टीम अभियुक्त राम प्रकाश गर्ग के पते पर पहुंची और उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने पूरी सच्चाई उगल दी।
अभियुक्त ने पूछताछ में बताया:
“मैंने 04 नवंबर 2025 को कबीर चौरा स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में यह खाता खुलवाया था। वहां मुझे एक अज्ञात व्यक्ति मिला, जिसने मुझसे कहा कि वह मुझे हर महीने 5000 रुपये देगा और खाते को खुद चलाएगा। मैंने पैसों के लालच में आकर अपने बैंक खाते की पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और पर्सनल डिटेल्स स्वेच्छा से उस अज्ञात व्यक्ति को सौंप दी थीं।”
स्वेच्छा से अपना बैंक खाता साइबर ठगों को देने से अवैध पैसों के लेन-देन (Money Laundering) और फ्रॉड की रकम को छिपाने में मदद मिली। यह कृत्य साइबर अपराध की श्रेणी में आता है, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल सख्त कदम उठाया।
दर्ज अभियोग का विवरण (FIR Details) = मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कोतवाली पर 23 जुलाई 2026 को संबंधित धारा में केस दर्ज किया गया है :
| विवरण | जानकारी |
| मुकदमा अपराध संख्या | 183/2026 |
| संबंधित धाराएं | धारा 318(4) बीएनएस (BNS) |
| थाना | कोतवाली कमिश्नरेट, वाराणसी |
| अभियुक्त | राम प्रकाश गर्ग (33 वर्ष), भुलेटन, चौक, वाराणसी |
इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक दयाशंकर सिंह थाना कोतवाली, वाराणसी, उप-निरीक्षक अभिषेक चन्द्रा, उप-निरीक्षक अमन सिंह, कांस्टेबल श्याम मोहन शामिल रहे।
पुलिस की अपील: लालच में न दें अपना बैंक खाता = वाराणसी पुलिस और साइबर सेल ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर या किराए/कमिशन के लालच (जैसे 5000 या 10,000 रुपये प्रति माह) में आकर अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या यूपीआई डिटेल्स किसी को न दें। ऐसा करना कानूनन अपराध है और इसमें खाता धारक को भी जेल जाना पड़ सकता है।



