वाराणसी: धर्म की नगरी काशी में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर वाराणसी पुलिस बेहद गंभीर है। महामहिम पुलिस आयुक्त वाराणसी द्वारा अपराध एवं अपराधियों की रोकथाम, चोरी, लूट और धोखाधड़ी की घटनाओं के सफल अनावरण के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत वाराणसी पुलिस को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना कोतवाली पुलिस ने प्रसिद्ध श्री काल भैरव मंदिर परिसर के पास से श्रद्धालुओं को गुमराह करने, उनसे दुर्व्यवहार करने और ‘सुगम दर्शन’ के नाम पर अवैध धन उगाही करने वाले 11 आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।

क्या है पूरा मामला? – यह पूरी कार्रवाई पुलिस उपायुक्त (काशी-जोन) के कुशल निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली व प्रभारी निरीक्षक कोतवाली के नेतृत्व में की गई। 25 मई 2026 को वाराणसी पुलिस की टीम को मुखबिर खास से एक ठोस सूचना मिली कि काल भैरव मंदिर के निकास द्वार पर कुछ लोग भारी भीड़ लगाकर बाहर से आने वाले भोले-भाले यात्रियों और श्रद्धालुओं को गुमराह कर रहे हैं। वे लोग सुगम दर्शन (जल्दी और आसानी से दर्शन कराने) के नाम पर श्रद्धालुओं से मोटी रकम वसूल रहे थे और मना करने पर आम यात्रियों से वाद-विवाद व लड़ाई-झगड़े पर उतारू थे।

श्रद्धालुओं की आस्था हो रही थी आहत – सूचना मिलते ही काल भैरव चौकी प्रभारी उप-निरीक्षक अभय नारायण सिंह अपने हमराह कॉन्स्टेबल गोविंद सिंह और रिक्रूट कॉन्स्टेबल धर्मेंद्र के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। वाराणसी पुलिस ने वहां मौजूद मुख्य आरोपी इरफान अहमद और उसके साथियों को समझाने-बुझाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वे लोग पुलिस से ही उलझ गए और आमादा फौजदारी (मारपीट पर उतारू) हो गए। वहां मौजूद अन्य दर्शनार्थियों ने पुलिस को बताया कि इन दलालों की हरकतों और दुर्व्यवहार के कारण उनकी धार्मिक आस्था को गहरी ठेस पहुंच रही थी। मंदिर जैसे पवित्र स्थल पर इस हंगामे के कारण शांति व्यवस्था पूरी तरह भंग होने की कगार पर थी।

वाराणसी पुलिस के अधिकारियों के मुताबिक, यदि इन आरोपियों को समय रहते गिरफ्तार नहीं किया जाता, तो श्री काल भैरव मंदिर परिसर में मारपीट या कोई बड़ा संज्ञेय अपराध घटित हो सकता था। इसी आशंका और शांति व्यवस्था बनाए रखने के दृष्टिगत वाराणसी पुलिस ने सभी 11 लोगों को हिरासत में ले लिया।

वाराणसी पुलिस ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी 11 आरोपियों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170, 126 और 135 के तहत निवारक (Preventive) कार्रवाई की है। पुलिस ने इन सभी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष भेज दिया है।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों की सूची – इरफान अहमद (उम्र 32 वर्ष) – औरंगाबाद, थाना सिगरा, वाराणसी, राकेश कुमार (उम्र 25 वर्ष) – ग्राम नावा सोसो, थाना रातू, रांची, झारखण्ड, करन मौर्य (उम्र 22 वर्ष) – आदमपुर, वाराणसी, आदर्श (उम्र 24 वर्ष) – कोनिया विजयपुरा, थाना आदमपुर, वाराणसी, मनोहर कुमार (उम्र 24 वर्ष) – सतपुत्री मंदिर, थाना जैतपुरा, वाराणसी, विष्णु शर्मा (उम्र 30 वर्ष) – भुतई इमली, गोलघर, थाना कोतवाली, वाराणसी, काजू सेठ (उम्र 34 वर्ष) – औसानगंज, थाना जैतपुरा, वाराणसी, मानवेन्द्र दूबे (उम्र 36 वर्ष) – कोनिया अमरदेव चौराहा, थाना आदमपुर, वाराणसी, संदीप (उम्र 35 वर्ष) – कबीर चौरा, थाना कोतवाली, वाराणसी, जितेन्द्र मिश्रा (उम्र 33 वर्ष) – राजखुरापुर, राजगढ़, मिर्जापुर, छोटू (उम्र 33 वर्ष) – पंचकोशी, थाना सारनाथ, वाराणसी।

इस पूरी कार्रवाई को सफलता से अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उ0नि0 अभय नारायण सिंह (चौकी प्रभारी काल भैरव, थाना कोतवाली, कमिश्नरेट वाराणसी), उ0नि0 सर्वेश कुमार यादव (थाना कोतवाली, कमिश्नरेट वाराणसी), का0 गोविन्द सिंह (थाना कोतवाली, कमिश्नरेट वाराणसी), रि0का0 धर्मेन्द्र (थाना कोतवाली, कमिश्नरेट वाराणसी) शामिल रहे।

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