बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, डीएन यादव, नरेश यादव और धनंजय कुमार ने पक्ष रखा।
वाराणसी। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के छात्र राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आ रही है। वाराणसी में एक मामूली विवाद को लेकर युवक पर जानलेवा हमला करने के आरोपी BHU छात्र नेता विकास यादव को जमानत मिल गई है। जिला जज संजीव शुक्ला की अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी छात्र नेता को बड़ी राहत दी है।
अदालत ने मूलरूप से गाजीपुर के रहने वाले और वर्तमान में लंका के नगवां इलाके में किराए पर रह रहे BHU छात्र नेता विकास यादव को जमानत पर रिहा करने का आदेश जारी किया। कोर्ट ने इसके लिए 50-50 हजार रुपए की दो जमानतें और उतनी ही धनराशि का बंधपत्र (Bail Bond) दाखिल करने का निर्देश दिया है।
अदालत में वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने रखा पक्ष – सुनवाई के दौरान अदालत में बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनुज यादव, डीएन यादव, नरेश यादव और धनंजय कुमार ने मजबूती से अपना पक्ष रखा। वकीलों की दलीलों और कानूनी बारीकियों को समझने के बाद माननीय न्यायालय ने BHU छात्र नेता विकास यादव को जमानत देने का फैसला सुनाया।
क्या था पूरा मामला? – अभियोजन पक्ष के मुताबिक, यह पूरा मामला लंका थाना क्षेत्र का है। साकेत नगर (संकट मोचन, लंका) के रहने वाले चंद्रशेखर सिंह ने इस मामले को लेकर लंका थाने में एक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि तारीख और समय: 22 मई 2026 की शाम लगभग 8:45 बजे। घटनास्थल: नरिया (लंका) के पास। आरोप: अंकित पाल, बिट्टू बाबू और BHU छात्र नेता विकास यादव अपने 10-12 अज्ञात साथियों के साथ वहां पहुंचे। हमला: मामूली विवाद में जान से मारने की नीयत से चंद्रशेखर के बड़े भाई चंद्रमा सिंह के सिर पर क्रिकेट बैट से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया।
यह भी पढ़ें: हमले के कारण चंद्रमा सिंह मौके पर ही लहूलुहान होकर बेहोश हो गए थे। सिर पर गंभीर चोट आने के कारण काफी खून बह गया था। बीच-बचाव के लिए जब स्थानीय भीड़ जुटने लगी, तो सभी आरोपी गाली-गलौज करते हुए और जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
घटना के तुरंत बाद आसपास के लोगों और भाई चंद्रशेखर की मदद से घायल चंद्रमा सिंह को तुरंत बीएचयू (BHU) ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।
इस घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी BHU छात्र नेता विकास यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल जाने के बाद विकास यादव ने अपने अधिवक्ताओं के माध्यम से जिला जज की अदालत में जमानत की अर्जी दाखिल की थी, जिस पर सुनवाई करते हुए अब BHU छात्र नेता विकास यादव को जमानत मिल गई है।





