नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले संगठित साइबर गिरोह का वाराणसी पुलिस ने पर्दाफाश किया है। साइबर क्राइम सेल और रोहनिया पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के पास से मोबाइल फोन, फर्जी दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य बरामद हुए हैं।
वाराणसी में नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम और अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत साइबर क्राइम सेल एवं थाना रोहनिया पुलिस की संयुक्त टीम ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
साइबर क्राइम सेल द्वारा प्रतिबिम्ब पोर्टल और एनसीआरपी पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के विश्लेषण के दौरान ऐसे मोबाइल नंबर चिन्हित किए गए, जिनके माध्यम से विभिन्न राज्यों के बेरोजगार युवक-युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाया जा रहा था।
ऐसे देते थे नौकरी का झांसा – पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विभिन्न रोजगार मेलों से अभ्यर्थियों का डाटा एकत्रित करते थे। इसके बाद वे प्रतिष्ठित कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से संपर्क करते थे। अभ्यर्थियों को चयन पत्र, प्रशिक्षण पत्र और ज्वाइनिंग से जुड़े फर्जी दस्तावेज भेजे जाते थे। इसके बाद उनसे रजिस्ट्रेशन शुल्क, पुलिस वेरिफिकेशन शुल्क, प्रशिक्षण शुल्क, ड्रेस शुल्क, आवास और भोजन खर्च के नाम पर धनराशि वसूली जाती थी। इस प्रकार नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी कर आरोपी बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपये ऐंठने का काम कर रहे थे।
छापेमारी में दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरा बाद में पकड़ा गया – तकनीकी साक्ष्यों और प्राप्त सूचनाओं के आधार पर थाना रोहनिया क्षेत्र स्थित एक कार्यालय पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान कृष्ण कुमार और रोशनी प्रजापति को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ और उनकी निशानदेही पर जगतपुर क्षेत्र से तीसरे आरोपी आशुतोष सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों से भारी मात्रा में सामान बरामद – पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। बरामदगी में शामिल हैं : 09 मोबाइल फोन मय सिम कार्ड, 03 क्यूआर कोड, 02 कूटरचित आधार कार्ड, चयन, प्रशिक्षण एवं ज्वाइनिंग संबंधी फर्जी दस्तावेज, अभ्यर्थियों के आवेदन पत्र, आधार कार्ड एवं पैन कार्ड की प्रतियां, बैंकिंग एवं वित्तीय लेन-देन से संबंधित अभिलेख, अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य।
कंपनियों के नाम का करते थे दुरुपयोग – पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी विभिन्न प्रतिष्ठित कंपनियों के नाम और साख का दुरुपयोग करते थे। वे युवाओं को भरोसा दिलाते थे कि उनकी नौकरी पक्की हो जाएगी और इसी विश्वास के आधार पर उनसे धनराशि वसूलते थे। पुलिस के अनुसार, मौके से मिले दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से प्रथम दृष्टया नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी, कूटरचना और धोखाधड़ी के पर्याप्त प्रमाण मिले हैं।
आरोपियों के खिलाफ दर्ज हुआ मुकदमा – गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना रोहनिया में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) एवं 61(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैंक खातों की विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय जांच कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और ठगी से अर्जित धनराशि का पता लगाया जा सके।
गिरफ्तार अभियुक्त – कृष्ण कुमार पुत्र बन्धु कुमार, निवासी बलिया, रोशनी प्रजापति पुत्री सुरेश प्रजापति, निवासी वाराणसी, आशुतोष सिंह पुत्र स्व. जितेन्द्र प्रताप सिंह, निवासी संत रविदास नगर शामिल हैं ।
गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक मनोज तिवारी (प्रभारी साइबर सेल), उपनिरीक्षक आलोक कुमार यादव, उपनिरीक्षक पवन कुमार, आरक्षी अंकित गुप्ता, महिला उपनिरीक्षक निरुपमा यादव शामिल रही ।





