वाराणसी। आज के डिजिटल युग में जहाँ एक ओर तकनीक हमारे काम आसान कर रही है, वहीं दूसरी ओर साइबर ठगी के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। लेकिन जब पुलिस महकमे में कुछ कर गुजरने का जज्बा रखने वाले जांबाज अफसर मौजूद हों, तो अपराधियों के हौसले पस्त होने में वक्त नहीं लगता। हम बात कर रहे हैं वाराणसी कमिश्नरेट के बेहद तेज-तर्रार और तकनीकी रूप से दक्ष अधिकारी एसीपी (ACP) विदुष सक्सेना की, जिन्होंने साइबर अपराध नियंत्रण में एक मिसाल कायम की है।

एसीपी विदुष सक्सेना ने जब से साइबर क्राइम शाखा की जिम्मेदारी संभाली, तब से उन्होंने दिन-रात मेहनत कर साइबर अपराधियों पर ऐसा कड़ा प्रहार किया है कि वाराणसी कमिश्नरेट का नाम पूरे प्रदेश में गर्व से लिया जा रहा है।

कानून व्यवस्था के साथ तकनीकी मामलों में हैं एक्सपर्ट वाराणसी कमिश्नरेट में लॉ एंड ऑर्डर (कानून व्यवस्था) संभालने के साथ-साथ विदुष सक्सेना की तकनीकी मामलों में गहरी पकड़ और दक्षता जगजाहिर है। उनकी इसी काबिलियत और सूझबूझ को देखते हुए पुलिस आयुक्त ने उन्हें साइबर अपराध नियंत्रण की बेहद अहम और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी थी। इस भरोसे पर पूरी तरह खरा उतरते हुए एसीपी विदुष सक्सेना ने कई ऐसे पेचीदा और महत्वपूर्ण मामलों का खुलासा किया, जिसने साइबर ठगों के नेटवर्क को हिलाकर रख दिया।

अंतरराज्यीय गिरोहों का पर्दाफाश और ‘प्रतिबिम्ब’ टीम का नेतृत्व – अपने कार्यकाल के दौरान एसीपी विदुष सक्सेना ने केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोहों का पर्दाफाश किया।

अहम उपलब्धि: पुलिस आयुक्त द्वारा नव गठित ‘प्रतिबिम्ब’ टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए उन्होंने लगातार ताबड़तोड़ कार्रवाइयां कीं। इस टीम ने आधुनिक तकनीक और सटीक रणनीति के बल पर देश के कोने-कोने से शातिर साइबर अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा। उनकी इस आक्रामक कार्यशैली के कारण साइबर अपराध नियंत्रण के मामले में वाराणसी कमिश्नरेट ने पूरे उत्तर प्रदेश में एक अलग और विशिष्ट पहचान बनाई है।

साइबर ठगी का शिकार होने के बाद लोग अक्सर अपनी गाढ़ी कमाई खोकर निराश हो जाते हैं। ऐसे असहाय पीड़ितों के लिए एसीपी विदुष सक्सेना किसी मसीहा से कम साबित नहीं हुए। उन्होंने त्वरित कार्रवाई और प्रभावी बैंकिंग कॉर्डिनेशन के जरिए साइबर ठगी के शिकार हुए दर्जनों लोगों के लाखों रुपये वापस दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जब पीड़ितों के डूबे हुए पैसे उनके खातों में वापस आए, तो उनकी आंखों में पुलिस के प्रति कृतज्ञता के आंसू साफ देखे जा सकते थे।

आम जनता से लेकर महकमे में हो रही जमकर तारीफ एक तरफ जहाँ आम जनमानस में पुलिस की इस त्वरित और मददगार कार्यप्रणाली से सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है, वहीं दूसरी ओर खुद पुलिस विभाग के आला अधिकारी और सहकर्मी भी विदुष सक्सेना के कार्यों की जमकर तारीफ कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में जिस तरह वाराणसी पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है, उसने यह साबित कर दिया है कि अगर पुलिस ठान ले, तो अपराधी चाहे सात समंदर पार ही क्यों न बैठा हो, बच नहीं सकता।

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