कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान, भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने की निंदा, पूर्व क्लासमेट ने खोला अफवाहों का राज
लखनऊ/कानपुर: समाजवादी पार्टी (SP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बड़ी बेटी अदिति यादव इन दिनों चर्चा में हैं। दरअसल, अदिति यादव सोशल मीडिया विवाद ने अब एक बड़ा कानूनी और राजनीतिक रूप ले लिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अदिति यादव को लेकर की गई कथित आपत्तिजनक और भ्रामक टिप्पणियों के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस एक्शन में आ गई है। इस पूरे मामले को लेकर कानपुर और प्रतापगढ़ में अलग-अलग प्राथमिक उपभोक्ता रिपोर्ट (FIR) दर्ज की गई हैं।
आरोप है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर अदिति यादव के खिलाफ बेहद अभद्र और फर्जी पोस्ट साझा कर उनकी और उनके परिवार की छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई। आइए जानते हैं कि इस अदिति यादव सोशल मीडिया विवाद में अब तक क्या-क्या कार्रवाई हुई है और किसने क्या बयान दिया है।
कानपुर और प्रतापगढ़ में दर्ज हुई FIR – अदिति यादव सोशल मीडिया विवाद के तूल पकड़ते ही पुलिस ने शिकायतों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। कानपुर में समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव प्रवीण यादव की शिकायत पर साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया है।
इस FIR में भरत पटेल, नागेश्वर सिंह बघेल और विनोद यादव को नामजद किया गया है। आरोप है कि भरत कुमार पटेल नामक अकाउंट से अदिति यादव की एक कथित रूप से एडिट की गई (मॉर्फ्ड) तस्वीर और भ्रामक जानकारी पोस्ट की गई थी, जिस पर अन्य आरोपियों ने आपत्तिजनक कमेंट्स किए।
वहीं दूसरी ओर, प्रतापगढ़ में भी पुलिस ने ‘शीतला सुजान कवि’ नामक एक सोशल मीडिया आईडी के खिलाफ इसी तरह की हरकत के लिए कानूनी कार्रवाई शुरू की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ महिला की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने, जालसाजी और आईटी एक्ट (IT Act) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर का बड़ा बयान – इस पूरे अदिति यादव सोशल मीडिया विवाद पर उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि, “अदिति यादव मेरी भी बेटी के समान हैं। उनके खिलाफ की गई यह आपत्तिजनक टिप्पणी बेहद शर्मनाक है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।”
हालाँकि, राजभर ने इस दौरान समाजवादी पार्टी पर भी तंज कसा। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक विरोधियों के परिवारों पर सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणियां कराने की संस्कृति गलत है और मुमकिन है कि इस मामले की जांच में किसी सपाई की संलिप्तता ही सामने आ जाए।
भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने की निंदा – सरोजिनी नगर से भाजपा विधायक राजेश्वर सिंह ने भी अदिति यादव सोशल मीडिया विवाद की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि किसी भी बेटी या महिला के सम्मान को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।
पूर्व क्लासमेट ने खोला अफवाहों का राज – इस अदिति यादव सोशल मीडिया विवाद के बीच इंटरनेट पर चल रहे दावों को उनके एक पूर्व सहपाठी (क्लासमेट) आदर्श यादव ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है। आदर्श ने फेसबुक पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दावे पूरी तरह झूठे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदिति यादव लंदन में नहीं, बल्कि दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) में अपनी पढ़ाई पूरी कर रही हैं। उन्होंने जनता से ऐसी अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
पुलिस का क्या कहना है? – इस मामले पर जानकारी देते हुए डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि प्राप्त तहरीर के आधार पर कानपुर के साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। पुलिस की एक विशेष टीम इन सोशल मीडिया हैंडल्स और उनके पीछे के लोगों की तलाश कर रही है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
bmbreakingnews.com की राय: इस अदिति यादव सोशल मीडिया विवाद ने एक बार फिर इंटरनेट पर ‘डिजिटल जिम्मेदारी’ (Digital Responsibility) और महिलाओं के सम्मान की बहस को तेज कर दिया है। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन किसी के पारिवारिक जीवन और बच्चों को लेकर फेक न्यूज फैलाना कानूनन और नैतिक रूप से बेहद गलत है।




