वाराणसी (bmbreakingnews.com): आगामी त्योहार मोहर्रम को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए वाराणसी प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। आज दिनांक 17 जून 2026 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल एवं जिलाधिकारी वाराणसी सत्येंद्र कुमार की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।
आगामी त्योहार मोहर्रम के दृष्टिगत ताजियादारों, धर्मगुरूओं व सम्भ्रान्त व्यक्तियों संग बैठक कर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, रूट प्लान और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गंभीर संवाद किया। इस बैठक में पुलिस कमिश्नर ने दो टूक शब्दों में कहा कि त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अराजकता या नई परंपरा की शुरुआत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम: ड्रोन और सीसीटीवी से होगी निगरानी – शांति व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेने का फैसला किया है। आगामी त्योहार मोहर्रम के दृष्टिगत ताजियादारों, धर्मगुरूओं व सम्भ्रान्त व्यक्तियों संग बैठक में पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा स्पष्ट किया गया कि सुरक्षा में कोई कोताही नहीं बरती जाएगी। वीडियो रिकॉर्डिंग और ड्रोन निगरानी: सभी ताजिया जुलूसों की अनिवार्य रूप से वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इसके अलावा, संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रखी जाएगी। बॉक्स फॉर्म में तैनात रहेगी पुलिस: ताजिया जुलूसों की सुरक्षा के लिए पुलिस बल ‘बॉक्स फॉर्म’ में तैनात रहेगा। इसके साथ ही, जुलूस को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग के लिए आयोजकों द्वारा वॉलिंटियर्स (Volunteers) भी तैनात किए जाएंगे।
पुलिस आयुक्त महोदय द्वारा जारी महत्वपूर्ण गाइडलाइंस – आगामी त्योहार मोहर्रम के दृष्टिगत ताजियादारों, धर्मगुरूओं व सम्भ्रान्त व्यक्तियों संग बैठक के दौरान शांतिपूर्ण आयोजन के लिए निम्नलिखित सख्त निर्देश जारी किए गए हैं : ताजिये का आकार और आयोजकों की जवाबदेही, निर्धारित मानक: ताजिये का आकार एवं ऊंचाई शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुरूप ही होगी, ताकि तारों या रास्तों में कोई व्यवधान न आए। उत्तरदायी समिति का गठन: प्रत्येक ताजिये के लिए एक जिम्मेदार समिति का गठन किया जाएगा, जिसकी पूर्ण जवाबदेही सुनिश्चित होगी। अराजकता पर सीधी कार्रवाई: हुड़दंग एवं अराजकता की किसी भी घटना के लिए संबंधित आयोजक सीधे तौर पर जिम्मेदार माने जाएंगे।
रूट और परंपराओं का पालन – कोई नई परंपरा नहीं: इस बार किसी भी नई परंपरा की शुरुआत करने की अनुमति नहीं होगी। पारंपरिक मार्ग: ताजिया जुलूस केवल पूर्व निर्धारित तथा परम्परागत मार्ग से ही निकाला जा सकेगा।
हथियारों के प्रदर्शन और भड़काऊ गानों पर पूर्ण प्रतिबंध – ताजिया जुलूसों में भड़काऊ नारे लगाना, अस्त्र/शस्त्र व घातक हथियारों का प्रदर्शन करना पूर्णतः वर्जित है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होगी। जुलूस के दौरान डी0जे0 और ढोल-ताशा की ध्वनि निर्धारित मानकों (डेसिबल लिमिट) के अनुरूप ही होनी चाहिए। किसी भी प्रकार के उत्तेजक या भड़काऊ गाने बजने पर डी0जे0 संचालक के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विशेष नोट: आयोजक ताजिया रखे जाने वाले स्थान पर अपने वॉलिंटियर्स नियुक्त कर निगरानी सुनिश्चित करें और यथासम्भव पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे जरूर लगवाएं।
वाराणसी पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया की सतत (24×7) निगरानी की जा रही है। इंटरनेट पर शस्त्र प्रदर्शन, करतब या कलाबाज़ी के वीडियो डालना, अफवाह उड़ाना या भ्रामक सूचना प्रसारित कर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
इसके साथ ही, आम जनता को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत प्रभावी रूट डायवर्जन प्लान लागू रहेगा। चिन्हित संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा।
आपसी सौहार्द्र और सहिष्णुता बनाए रखने की अपील – इस महत्वपूर्ण बैठक के अंत में विभिन्न समुदायों के मध्य आपसी सौहार्द्र, भाईचारा और सहिष्णुता बनाये रखने की भावपूर्ण अपील की गयी। अधिकारियों ने कहा कि त्योहार को शांति और श्रद्धा के साथ मनाएं और किसी भी शरारती तत्व द्वारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश किए जाने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें।
इस आगामी त्योहार मोहर्रम के दृष्टिगत ताजियादारों, धर्मगुरूओं व सम्भ्रान्त व्यक्तियों संग बैठक के दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा सहित नगर निगम, जल संस्थान, पीडब्लूडी, विद्युत विभाग, राजस्व व पुलिस के तमाम उच्चाधिकारीगण मुख्य रूप से उपस्थित रहे।




