वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट लगातार साइबर अपराधियों और उनके मददगारों पर नकेल कसने में जुटी हुई है। शासन द्वारा चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान और ‘Cy-Vazra’ मुहीम के तहत वाराणसी की कोतवाली थाना पुलिस और साइबर सेल ने एक बड़े म्यूल अकाउंट (Mule Account) रैकेट का भंडाफोड़ किया है।
वाराणसी के काशी ज़ोन के अधिकारियों के कुशल मार्गदर्शन और कोतवाली पुलिस व साइबर सेल के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए एक्सिस बैंक के एक संदिग्ध फर्म खाते से जुड़े 2 अभियुक्तों के खिलाफ धारा 318(4) बीएनएस (BNS) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ खुलासा? = लखनऊ साइबर मुख्यालय से प्राप्त GREEN-25 MULE ACCOUNT सूची की जांच के दौरान वाराणसी पुलिस को एक्सिस बैंक शाखा विशेश्वरगंज के एक खाता संख्या 923020069678530 (IFSC: UTIB0005432) की पड़ताल का निर्देश मिला था। जब कोतवाली पुलिस और साइबर सेल ने बैंक से उक्त खाते की KYC, AOF और बैंक स्टेटमेंट निकालकर जांच की, तो खाता ‘मनोज बिल्डिंग मैटेरियल’ (प्रोपराइटर: मनोज कुमार) के नाम पर पंजीकृत पाया गया।
Maker-Checker सिस्टम से संचालित हो रहा था 3.70 करोड़ का ट्रांजैक्शन = बैंक से मिली जानकारी के अनुसार, इस व्यावसायिक खाते में लेनदेन के लिए Maker-Checker सुरक्षा प्रणाली का प्रावधान था : Maker (ट्रांजैक्शन शुरू करने वाला): मनोज कुमार पुत्र राजेंद्र प्रसाद (निवासी- ग्राम खानापुर, गोपीगंज, भदोही) Checker (ट्रांजैक्शन को अप्रूव करने वाला): प्रदीप कुमार पुत्र रामविलास (निवासी- ग्राम खानापुर, गोपीगंज, भदोही) जब बैंक स्टेटमेंट की विस्तृत जांच की गई, तो अधिकारी भी हैरान रह गए। महज एक महीने की अवधि में (1 जनवरी 2025 से 1 फरवरी 2025 के बीच) इस खाते के जरिए 3 करोड़ 70 लाख रुपये से अधिक का संदिग्ध वित्तीय लेनदेन किया गया था।
पूरे देश में दर्ज हैं 63 ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतें = पुलिस ने जब खाते की जांच NCRP (नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल) और समन्वय पोर्टल पर की, तो खुलासा हुआ कि इस एक म्यूल अकाउंट के जरिए देश के विभिन्न जनपदों और राज्यों में कुल 63 ऑनलाइन फाइनेंशियल फ्रॉड (Online Financial Fraud) की शिकायतें दर्ज हैं।
2% कमीशन के लालच में साइबर अपराधियों को सौंपा खाता = पूछताछ में आरोपियों मनोज कुमार और प्रदीप कुमार ने स्वीकार किया कि उन्होंने सितंबर 2024 में एक्सिस बैंक में यह खाता खुलवाया था। इसके बाद एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें हर ट्रांजैक्शन पर 2% कमीशन देने का लालच दिया। कमीशन के लालच में आकर दोनों ने बिना सोचे-समझे अपने खाते के ATM, बैंक पासबुक, Maker-Checker के लॉगिन आईडी-पासवर्ड और दोनों रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर की सिम (9250010527 व 9936121926) उस अज्ञात साइबर फ्रॉडस्टर को सौंप दिए। हालांकि, आरोपियों का दावा है कि उन्हें आज तक वादे के मुताबिक कोई पैसा नहीं मिला। साइबर अपराधियों को अपना खाता भाड़े पर देकर अवैध धन छिपाने और ट्रांसफर करने में मदद करना संगीन अपराध है, जिसके तहत दोनों के खिलाफ कोतवाली थाने में मुकदमा (मु.अ.सं. 188/26) दर्ज कर लिया गया है।
गिरफ़्तारी व कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में दयाशंकर सिंह प्रभारी निरीक्षक, अमन सिंह (उप-निरीक्षक), अभिषेक चंद्रा (प्र0उ0नि0), अखिलेश कुमार (कांस्टेबल), श्याम मोहन (कांस्टेबल), शिवम शुक्ला (रि0कांस्टेबल) थाना कोतवाली शामिल रहे।



