वाराणसी। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ योगी सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत विजिलेंस विभाग ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। वाराणसी में सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र (डीआईसी), लहरतारा में तैनात सहायक प्रबंधक श्रीपाल को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में हड़कंप मच गया है।
यह कार्रवाई शुक्रवार (19 जून 2026) को विजिलेंस की विशेष टीम द्वारा जाल बिछाकर की गई, जिसके बाद आरोपी अधिकारी को हिरासत में लेकर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
क्या है पूरा मामला? = जानकारी के अनुसार, शिवपुर थाना क्षेत्र के कुंदन नगर (कादीपुर) के रहने वाले अमितेश चौरसिया ने सिल्क उत्पाद के व्यापार के लिए उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की महावीर मंदिर शाखा से 11 लाख रुपये का लोन (ऋण) लिया था। इस लोन पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का लाभ उठाने के लिए उन्हें जिला उद्योग केंद्र से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की जरूरत थी।
इस एनओसी से जुड़ी फाइल कार्यालय उपायुक्त उद्योग, लहरतारा में लंबित थी, जिसे आगे बढ़ाने और जारी करने की जिम्मेदारी सहायक प्रबंधक श्रीपाल के पास थी। आरोप है कि श्रीपाल ने इस एनओसी को जारी करने के एवज में शिकायतकर्ता अमितेश से 5 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
विजिलेंस की सीक्रेट प्लानिंग और गिरफ्तारी = बार-बार रिश्वत मांगे जाने से परेशान होकर पीड़ित अमितेश चौरसिया ने इसकी लिखित शिकायत विजिलेंस विभाग से की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक, सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी द्वारा मामले की बेहद गोपनीय तरीके से जांच कराई गई। प्राथमिक जांच में जब रिश्वत मांगे जाने की पुष्टि हो गई, तो आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने के लिए एक विशेष जाल बिछाया गया।
शुक्रवार को पूर्व नियोजित योजना के अनुसार, वाराणसी में सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने अपनी पोजीशन ली और शिकायतकर्ता को केमिकल लगे नोटों के साथ सहायक प्रबंधक के पास भेजा। जैसे ही लहरतारा डीआईसी कार्यालय में सहायक प्रबंधक श्रीपाल ने शिकायतकर्ता से 5 हजार रुपये की घूस ली, वैसे ही पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस टीम ने उसे रंगे हाथ दबोच लिया।
आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज = गिरफ्तार किए गए आरोपी अधिकारी की पहचान श्रीपाल पुत्र स्वर्गीय कल्लू, निवासी सरस्वती नगर कॉलोनी भिटारी (थाना लोहता, वाराणसी) के रूप में हुई है। वाराणसी में सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने गिरफ्तारी की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान वाराणसी सेक्टर के थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ विजिलेंस की अपील: इस कार्रवाई के बाद सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने आम नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी आपके किसी जायज काम के बदले रिश्वत या अनुचित लाभ की मांग करता है, तो डरे नहीं। इसकी सूचना तत्काल रिश्वत विरोधी हेल्पलाइन या विजिलेंस विभाग को दें, ताकि भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।




