वाराणसी: उत्तर प्रदेश में अपराधियों को उनके अंजाम तक पहुँचाने के लिए चलाया जा रहा “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान रंग ला रहा है। इसी क्रम में वाराणसी कमिश्नरेट पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस की प्रभावी और मजबूत पैरवी के चलते माननीय न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कक्ष संख्या-14) ने हत्या के एक गंभीर मामले में आरोपी राजेंद्र प्रसाद को आजीवन कारावास (उम्रकैद) और 70,000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल के निर्देशन में मिली सफलता – प्रदेश स्तर पर अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने के उद्देश्य से “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान चलाया जा रहा है। वाराणसी के पुलिस आयुक्त (कमिश्नर) श्री मोहित अग्रवाल खुद इस अभियान की निरंतर समीक्षा कर रहे हैं और टीम का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस द्वारा की गई गुणवत्तापूर्ण विवेचना (जांच) और लोक अभियोजक के संयुक्त व ठोस प्रयासों के चलते ही न्यायालय ने साक्ष्यों के आधार पर यह ऐतिहासिक फैसला सुनाया।
क्या था पूरा मामला? – यह मामला वाराणसी के थाना लोहता का है, जहाँ साल 2020 में मु0अ0सं0 0309/2020 के तहत भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाना) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
दोषी अभियुक्त की पहचान राजेंद्र प्रसाद (पुत्र स्वर्गीय नखड़ू राम), निवासी ग्राम भिटारी, थाना लोहता, जनपद वाराणसी के रूप में हुई है। पुलिस द्वारा कोर्ट में पुख्ता सबूत पेश किए जाने के बाद, दिनांक 09 जून 2026 को अदालत ने आरोपी को दोषी पाते हुए उम्रकैद और ₹70,000 के जुर्माने की सजा सुनाई।
इन जांबाज अधिकारियों की रही मुख्य भूमिका – “ऑपरेशन कन्विक्शन” के तहत इस केस को अंजाम तक पहुँचाने और अपराधी को सलाखों के पीछे भेजने में वाराणसी कमिश्नरेट के निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों की बेहद महत्वपूर्ण भूमिका रही: प्रभारी निरीक्षक: थाना लोहता (जिन्होंने विवेचना को सुदृढ़ बनाया)। पैरोकार टीम: कोर्ट में गवाहों और सबूतों को समय पर और सही तरीके से पेश करने वाले पुलिसकर्मी। विशेष विधिक टीम: जिन्होंने लोक अभियोजक के साथ मिलकर कानूनी बारीकियों को मजबूती से कोर्ट के सामने रखा।
वाराणसी पुलिस की इस त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से अपराधियों में खौफ का माहौल है, वहीं आम जनता का कानून और “ऑपरेशन कन्विक्शन” अभियान के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।





